ईरान कल्चर हाऊस, दिल्ली में मौलाना सय्यद मोहम्मद इबादत उर्फ़ कलीम अमरोहवी की धार्मिक, शैक्षिक एवं व्यावहारिक सेवाओं पर प्रकाश डालने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ईरान कल्चर हाऊस के कल्चर काउन्सलर डा. करीम नजफ़ी ने लोगों का स्वागत किया। उन्होने कहा कि अमरोहा की भूमि हमेशा से इल्मी विशेषताओं से परिपूर्ण रही है और प्रत्येक काल में इस भूमि पर महान हस्तियों का जन्म हुआ है, बीसवीं सदी की ऐसी ही एक महान हस्ती मौलाना सय्यद मोहम्मद इबादत उर्फ़ कलीम अमरोहवी थे जिन्होने अपनी धार्मिक, शैक्षिक एवं व्यावहारिक सेवाओं से एक अच्छे समाज के निर्माण में विशेष भूमिका निभाई जिसे कोई भी ज्ञानी, कभी भुला नहीं सकता। कार्यक्रम में मौजूद ईरान कल्चर हाऊस के डायरेक्टर जनाब अली दहगाही ने कहा कि नेक और इल्मी हस्तियां कभी मरती नहीं हैं बल्कि वह अपने कारनामों व अपनी सेवाओं के कारण हमेशा जीवित रहतीं हैं और इसी लिए मौलाना कलीम अमरोहवी को हमेशा याद रखा जाएगा।    इस अवसर पर मौलाना कलीम अमरोहवी की पुस्तक, मक़ामे शब्बीरी का विमोचन डा. करीम नजफ़ी, जनाब मोहम्मद अदीब, जनाब अली दहगाही तथा मौलाना सय्यद मोहम्मद सयादत नक़वी आदि ने अपने हाथों से किया। इस पुस्तक का दूसरा प्रकाशन ईरान कल्चर हाउस ने किया है। जामिया मिलिया इस्लामिया के इतिहास विभाग के प्रोफ़ेसर डा. अज़ीज़ुद्दीन ने इस पुस्तक को एक एतिहासिक एवं अनमोल पुस्तक की संज्ञा दी।.......166